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International Women's Day 8 march 2018

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लिखेंगे नया कल बनाएंगे नया समाज बेटी है तो कल है
आज दिनांक 8 3 2018 को विद्यालय में विश्व महिला दिवस मनाया गया जिसमें श्रीमती मोहिनी देवी एवं श्रीमती भावना चंद तथा विद्यालय के शिक्षिकाएं श्रीमती विमला श्रीमती गीता श्रीमती पूनम श्रीमती उषा , नीमा , अंजली नीलम बिष्ट हिमानी और विद्यालय के समस्त विद्यार्थियों के माताओं द्वारा महिला दिवस मनाया गया साथ ही यह शपथ ली कि भविष्य में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शपथ ली गई और इसमें बेटी के महत्व को बताया गया और यह भी संकल्प लिया की बेटी को शिक्षित करेंगे बेटी तथा बेटे के बीच कोई भी फर्क नहीं करेंगे दोनों को समान शिक्षा देंगे दोनों को घर में समान वातावरण देंगे और किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं करेंगे इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक द्वारा विद्यालय में महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़ व सुई धागा प्रतियोगिताएं कराई गई जिसमें प्रथम आने वाली महिला को सम्मानित किया गया ग्राम गोल की आंगनवाड़ी कार्यकत्री  श्रीमती मोहिनी देवी ने सभी को शपथ दिलाई तथा शिक्षिका भावना चन्द ने सभी को जागरुक करते हुए यह बताया कि हमें लड़का और लड़की में कोई भेद नहीं करना चाहिए दोन…

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Admissions are open Up to Class IX computer classes are available from 1st to 9th Dance class English speaking classes for all Yoga classes for all Exercise in Assembly games like football, KHO-KHO, Kabaddi, badminton Well mannered and disciplined campus Activities like fancy dress , Chair Race and much more Admissions are open Up to Class IXcomputer classes are available from 1st to 9thDance classEnglish speaking classes...Posted by Rajpoot Elementary Public School on Friday, March 4, 2016

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता, या वीणावरदण्डमण्डितकराया श्वेतपद्मासना ।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता,सामां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ।

राजपूत एलीमेंट्री पब्लिक स्कूल का शुभारम्भ 2 अप्रैल 2012 को क्षेत्र के नौनिहालों के चहुमुखी विकास के लिए हुआ । इस विद्यालय का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों को पुस्तकीय शिक्षा के साथ - साथ एक ऐसा परिवेश देना है, जिससे की विद्यार्थी भविष्य में क्षेत्र , राज्य एवं देश की उन्नति में सहायक हो सकें तथा एक कुशल नागरिक बन सकें ,साथ ही विद्यालय का लक्ष्य क्षेत्र को एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था देना है, जो की निर्धन व सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान कर सके ।

"शिक्षार्थ आइये , सेवार्थ जाइये."